Showing posts with label योगाभ्यास और प्राणायाम क्रम. Show all posts
Showing posts with label योगाभ्यास और प्राणायाम क्रम. Show all posts

Friday, May 2, 2014

दैनिक योग का अभ्यास क्रम, स्वस्थ जीवन के लिए

एक-एक योग की प्रक्रिया और एक-एक जड़ी-बूटी पर हमारे पूवर्जों ने, ऋषि-मुनियों ने करोड़ों-लाखों व हजारों वर्षों तक निरन्तर शोध व अनुसंधान किया तथा उस जड़ी-बूटी से होने वाले लाभों के बारे में हमें बताया।

प्रारम्भ : तीन बार ॐ का लम्बा उच्चारण करें।

गायत्री-महामन्त्र : ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्।

महामृत्युञजय-मन्त्र : ॐ ´यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माsमृतात्।।

संकल्प-मन्त्र : ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु। मा विद्विषावहै।

प्रार्थना-मन्त्र : ॐ असतो मा सद् गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्माsमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।

सहज-व्यायाम : यौगिक जोगिंग के 12 अभ्यास (समय-लगभग 5 मिनट)

सूर्य-नमस्कार : 3 से 5 अभ्यास (समय- 1 से 2 मिनट)

भारतीय-व्यायाम : मिश्रदण्ड अथवा युवाओं के लिये बारह प्रकार की दण्ड व आठ प्रकार की बैठकों का पूर्ण अभ्यास (समय-लगभग 5 मिनट)

मुख्य-आसन : बैठकर करने वाले आसन-मण्डूकासन, (भाग 1 व 2) शशकासन, गोमुखासन, वक्रासन, पेट के बल लेटकर करने वाले आसन-मकरासन, भुजंगासन, (भाग 1, 2 व 3) शलभासन (भाग 1, 2),

पीठ के बल लेटकर करने वाले आसन : मर्कटासन- (1, 2, 3) पवनमुक्तासन (भाग 1 व 2) अर्द्धहलासन , पादवृत्तासन, द्वि-चक्रिकासन (भाग 1 व 2) व शवासन ( योगनिद्रा)। (समय-10 से 15 मिनट, प्रत्येक आसन की आवृति 3 से 5 अभ्यास)

सूक्ष्म-व्यायाम : हाथों, पैरों, कोहनी, कलाई, कंधों के सूक्ष्म व्यायाम व बटर∂लाई इत्यादि लगभग 12 प्रकार के सूक्ष्म व्यायाम, प्राणायाम के पहले अथवा बीच में भी किये जा सकते हैं। प्रत्येक अभ्यास की आवृति 5-१० अभ्यास (समय -लगभग 5 मिनट)

मुख्य-प्राणायाम एवं सहयोगी क्रिया :

1. भस्त्रिका-प्राणायाम: लगभग 5 सेकण्ड में धीरे-धीरे लम्बे गहरे श्वास लेना व छोड़ना - कुल समय 3 से 5 मिनट।

2. कपालभाति-प्राणायाम: 1 सेकण्ड में एक बार झटके के साथ श्वास छोड़ना- कुल समय- 15 मिनट।

3. बाह्य-प्राणायाम: त्रिबन्ध के साथ श्वास को यथाशक्ति रोककर रखना- 3-5 अभ्यास।

4. अग्निसार-क्रिया: मूल-बन्ध के साथ पेट को अन्दर की ओर खींचना व ढीला छोड़ना - 3-5 अभ्यास।

5. उज्जायी प्राणायाम: गले का आकुञचन करते हुए श्वास लेना व बाईं नासिका से छोडना -3-5 अभ्यास ।

6. अनुलोम-विलोम प्राणायाम: दाईं नासिका बन्द करके बाईं से श्वास लेना व बाईं को बन्द करके दाईं से श्वास छोड़ने का क्रम- एक क्रम का समय 10 सेकण्ड -कुल अभ्यास समय-15 मिनट।

7. भ्रामरी-प्राणायाम: आँखों व कानों को बन्द करके नासिका से भ्रमर की तरह गुंजन करना 3-7 अभ्यास

8. उद्गीथ-प्राणायाम: दीर्घ स्वर में ओम का उच्चारण करना 3 से 7 अभ्यास।

9. प्रणव-प्राणायाम (ध्यान): आँखें बन्द करके, ध्यान मुद्रा में ध्यान करना -समय- 1 मिनट।

देशभक्ति-गीत : समय लगभग 2 मिनट

स्वाध्याय व चिन्तन : जीवन दर्शन, व्यवस्था-परिवर्तन या हमारे सपनों का भारत पुस्तिका का वाचन (समय- 2 से 5 मिनट)

एक्यूप्रेशर : समय की उपलब्धता अनुसार।

समापन : सिंहासन, हास्यासन, 3-3 अभ्यास (समय- 2 मिनट)

शान्ति-पाठ : ॐ द्यौः, शांति-रंतरिक्ष शांतिः पृथवी,.. शांति-राप,.. शांति-रोषधयः शांति वनस्पतयः, शांति-विश्वेदेवा, शांति-ब्रह्मा, शांति सर्वा शांति शांति-रेव, शांति सा मा शांति रेधि ॐ शांति, शांति, शांति

विशेष : योगाभ्यास के क्रम में व्यायाम, सूक्ष्म-व्यायाम व आसनों को पहले या बाद में भी किया जा सकता है। शीतकाल में व्यायाम व आसन पहले तथा प्राणायाम बाद में एवं ग्रीष्म काल में प्राणायाम पहले करवाकर व्यायाम व आसन बाद में कर सकते हैं।